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Share your fondest childhood memory!
Start Date: 14-11-2021
End Date: 14-11-2022
Childhood. ...
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BrahmDevYadav 2 years 7 months ago
माता का अंचल पाठ में वर्णित बचपन और आज के बचपन में क्या अंतर है?
माता का अंचल पाठ में वर्णित बचपन और आज के बचपन में काफी अंतर है। इस पाठ में वर्णित बचपन में; बचपन में खेले जाने वाले खेल, कौतूहल, माँ की ममता, पिता का दुलार आदि शामिल है। इस पाठ में गाँव के जीवन और संस्कृति का प्राकृतिक चित्रण है जबकि आज के बचपन में शहरीपन का रंग समाया हुआ है।
BrahmDevYadav 2 years 7 months ago
बचपन को प्रभावित करने वाले मनोसामाजिक कारक क्या है?
बचपन के शुरूआती दिनों में विकास को प्रभावित करने वाले कुछ पर्यावरणीय कारकों में, वह जगह जहाँ बच्चा रहता है वहाँ की भौतिक व भौगोलिक परिस्थितियां, उसका सामाजिक परिवेश और परिवार व आसपास लोग आदि शामिल हैं।
BrahmDevYadav 2 years 7 months ago
अपने बचपन में की गई शरारतों के बारे में लिखिए आपको उनसे क्या शिक्षा मिली?
ज्यादातर बच्चे अपने बचपन में शरारत करते हैं। मेरे बचपन की शरारत भी मुझे याद है। बचपन की शरारत मुझे काफी खुश कर देती है। जब मैं छोटा था तो दुनिया से काफी अनजान था, मुझमें ज्यादा समझ भी नहीं थी जब हम छोटे थे तो अपने बड़े भाइयों, बहनों के साथ में छुपा छुपी खेलते थे।
BrahmDevYadav 2 years 7 months ago
बचपन क्या है?
बालक के जन्म से लेकर किशोरावस्था से पहले तक का काल को बचपन कहते है। बचपन को शैशवावस्था भी कहते हैं। बचपन में बच्चा एक कोरी स्लेट की तरह होता है जिस पर कुछ भी लिखा जा सकता है। बचपन में बच्चे अनुकरण करना पसंद करते हैं, वे जैसा देखते हैं, जैसा सुनते हैं वैसा ही अनुकरण करने का प्रयास करते हैं।
BrahmDevYadav 2 years 7 months ago
बचपन की जब भी याद आती हैं, बरबस चेहरे पर मुस्कान ले ही आती हैं किन्तु उनमें से भी कुछ स्मृतियाँ तो अति विशिष्ट होती हैं। बचपन में होली के दिनों में जब घर में गुझिया बनती थी तो उसे चुरा कर खाने की याद ऐसी चुनिन्दा यादों में से एक है।
BrahmDevYadav 2 years 7 months ago
बचपन की पसंदीदा खुशबुएं याद दिलाती हैं:- दादाजी के घर के आँगन में पेड़ ही पेड़ थे — आम, अमरुद, लीची, केला, जामुन। पूरे वर्ष-भर कुछ न कुछ खिलता रहता था, लेकिन गर्मियों में जब पहली बार आम की बौरें निकलती थीं, तो एक भीनी सी खुशबू पूरे घर को महका देती। गर्मियों के बाद आती मानसून के पहली फुहार।
BrahmDevYadav 2 years 7 months ago
हमारी बचपन की यादें कैसी भी हो लेकिन वो यादें हम सभी के लिए बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण और मौल्यवान है। इन्ही बचपन की यादों की वजह से हमारी सोच और हमारी आगे की ज़िंदगी को एक बेहतर आकार मिलता है। इन यादों में दो प्रकार होते है, जिसमे एक बुरी यादें और दूसरी अच्छी यादें होती है। जो आगे चलकर इंसान के जीवन पर प्रभाव डालती है।
Vipin Kumar 2 years 7 months ago
My happiest memory is a fleeting moment, one I initially took for granted, as we all do. A moment filled with love, happiness and a sense of belonging. Imagine, if you will, walking into the living room, dressed in your warmest jumper and the softest leggings.
Vipin Kumar 2 years 7 months ago
My happiest memory is a fleeting moment, one I initially took for granted, as we all do. A moment filled with love, happiness and a sense of belonging. Imagine, if you will, walking into the living room, dressed in your warmest jumper and the softest leggings.
Vipin Kumar 2 years 7 months ago
My happiest memory is a fleeting moment, one I initially took for granted, as we all do. A moment filled with love, happiness and a sense of belonging. Imagine, if you will, walking into the living room, dressed in your warmest jumper and the softest leggings.