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Share your fondest childhood memory!

Start Date: 14-11-2021
End Date: 14-11-2022

Childhood. ...

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Childhood.

The time when we experience life in its most beautiful and raw form, enjoying each little joy without any care and worry on our mind. The memory of these experiences shape our lives, they carve your soul, and they mould your being. A great childhood memory has an impact greater than any other memory. We have all at some point experienced certain events during our childhood that became one of our favourite moments in life.

Drive back into the memory lane and share with us your fondest childhood memory with us!

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childhood, childrensday
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BrahmDevYadav 4 years 2 months ago

आप एक बच्चे में सीखने की प्रवृत्ति कैसे विकसित करेंगे?
माता-पिता और देखभाल करने वाले बच्चे के साथ जितनी बातें करेंगे और उस पर ध्यान देंगे, बच्चा उतनी ही तेजी से सीखेगा। नवजात और छोटे बच्चों के सामने माता-पिता और देखभाल करने वालों को बात करना, पढ़ना और गाना चाहिए। बच्चे अगर शब्द समझने लायक न हों तो भी यह 'बातचीत' उनकी भाषा और सीखने की क्षमता का विकास करती है।

BrahmDevYadav 4 years 2 months ago

बालक की शिक्षा में परिवार का क्या महत्व है?
परिवार बालक के लिये प्रथम पाठशाला के रूप में माना जाता है। बालक जब पैदा होता है तब उसको पूर्ण संरक्षण देने का दायित्व परिवार के अन्य बड़े सदस्यों का होता है। परिवार में रहकर बालक शारीरिक रूप से विकास करता है और मानवोचित गुणों को अपनाने की क्रिया को सीखता है। बालक का स्थायी विकास भी परिवार में ही रहकर होता है।

BrahmDevYadav 4 years 2 months ago

बच्चे के विकास में स्कूल या परिवार की क्या भूमिका है?
विद्यालय बालकों को जीवन की जटिल परिस्थितियों का सामना करने योग्य बनाता है। विद्यालय सामाजिक-सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करता है तथा उसे अगली पीढ़ी में हस्तांतरित करता है। विद्यालय, बालकों को घर तथा संसार से जोड़ने का कार्य करते हैं। व्यक्तित्व का सामंजस्य पूर्ण विकास करने में विद्यालय का महत्वपूर्ण योगदान है।

BrahmDevYadav 4 years 2 months ago

बचपन को प्रभावित करने में सांस्कृतिक कार्य को की क्या भूमिका है?
प्रत्येक बालक जन्म के उपरांत जिन-जिन संस्कृतियों के संपर्क में आता है वे सांस्कृतिक संदर्भ उसके विकास में सहयोग करते हैं। भिन्न-भिन्न सांस्कृतिक परिवेश में आए बालकों में पाया जाने वाला भिन्न-भिन्न सांस्कृतिक पक्ष बालकों के विकास के विभिन्न रूपों का परिचायक होता है।

BrahmDevYadav 4 years 2 months ago

आप एक 5 साल के बच्चे के जीवन में विकास से क्या समझते हैं?
5 साल के बच्चे में जरूर के वो सभी मानसिक विकास हो गए होते हैं, इस उम्र तक वो चीजों को समझने लगते हैं और अपनी बात और जरूरतों को भी व्यक्त कर सकते हैं। इस उम्र में पेरेंट्स को कई बातों का ध्यान रखना चाहिए। इस उम्र के बच्चों को अच्छा व्यवहार और आदतों काे सिखाना चाहिए।

BrahmDevYadav 4 years 2 months ago

बाल्यकाल में नींव मजबूत करने के लिए क्या करना चाहिए?
किसी बच्चे के उत्तम विकास के लिए ज़रूरी तत्त्व हैं: पोषण एवं स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुरक्षा, प्रेरणा, जो एक साथ मिल कर 'भरपूर देख भाल' कहलाते हैं। स्वस्थ प्रारंभिक बाल विकास हर बच्चे के लिए महत्त्वपूर्ण है। विगत वर्षों में, बाल स्वास्थ्य और पोषण के परिणामों में अच्छी बढ़ोतरी हुई है।

BrahmDevYadav 4 years 2 months ago

माता का अंचल पाठ में वर्णित बचपन और आज के बचपन में क्या अंतर है?
'माता का अंचल' इस पाठ में वर्णित बचपन और आज के बचपन में काफी अंतर है। इस पाठ में वर्णित बचपन में; बचपन में खेले जाने वाले खेल, कौतूहल, माँ की ममता, पिता का दुलार आदि शामिल है। इस पाठ में गाँव के जीवन और संस्कृति का प्राकृतिक चित्रण है जबकि आज के बचपन में शहरीपन का रंग समाया हुआ है।

BrahmDevYadav 4 years 2 months ago

बच्चे तथा बचपन से आप क्या समझते हैं?
बालक के जन्म से लेकर किशोरावस्था से पहले तक का काल को बचपन कहते है। बचपन को शैशवावस्था भी कहते हैं। बचपन में बच्चा एक कोरी स्लेट की तरह होता है जिस पर कुछ भी लिखा जा सकता है। बचपन में बच्चे अनुकरण करना पसंद करते हैं, वे जैसा देखते हैं, जैसा सुनते हैं वैसा ही अनुकरण करने का प्रयास करते हैं।

BrahmDevYadav 4 years 2 months ago

बचपन की मुख्य विशेषताएं क्या हैं?
बचपन, शैशवावस्था और वयस्कता के बीच की अवधि होती है यानी 2 से 13 या 14 वर्ष तक। इस अवधि के दौरान विकास शैशवावस्था की तुलना में अपेक्षाकृत धीमा होता है। हालाँकि इस अवस्था के दौरान एक बच्चे की शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक, सामाजिक और भाषा के विकास में गुणात्मक और मात्रात्मक विकास होता है।

BrahmDevYadav 4 years 2 months ago

एक शिक्षक के लिए बचपन की अवधारणा को समझना क्यों आवश्यक है?
“शैक्षिक दृष्टिकोण से जीवन चक्र में बाल्यावस्था से अधिक कोई महत्वपूर्ण अवस्था नहीं है,जो शिक्षक इस अवस्था के बालकों को शिक्षा देते हैं। उन्हें बालकों का उनकी आधारभूत आवश्यकताओं का उनकी समस्याओं एवं उनकी परिस्थितियों की पूर्ण जानकारी होनी चाहिए। जो उनके व्यवहार को रूपांतरित और परिवर्तित करती हैं।”